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कंडक्टर ने 5 रुपये ज्यादा लिए, हरियाणा रोडवेज पर 35 हजार का जुर्माना

 

एक यात्री से हांसी से चंडीगढ़ के टिकट पर पांच रुपये अतिरिक्त (225 की जगह 230 रुपये) वसूलना हरियाणा रोडवेज को करीब सात हजार गुणा महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने रोडवेज को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को दस हजार रुपये हर्जाना, पांच हजार रुपये मुकदमा फीस और 20 हजार रुपये उपभोक्ता अदालत में बतौर दंड जमा करवाएं।

इस बारे में हांसी के जींद चौक स्थित मां भगवती विहार निवासी जोगेंद्र सिंह ने 1 मई, 2019 को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में हरियाणा रोडवेज के यातायात प्रबंधक, महाप्रबंधक, राज्य यातायात आयुक्त और परिचालक जयदेव के खिलाफ शिकायत दायर की थी। अपनी शिकायत में उसने कहा कि बहुत कहासुनी के बावजूद टिकट खिड़की पर मौजूद कर्मचारी ने टिकट पर पांच रुपये ज्यादा लिए।

जबकि उसी दौरान चंडीगढ़ से हांसी वापसी पर उसने 225 रुपये का टिकट लिया। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि हांसी बस स्टैंड पर अन्य यात्रियों से भी पांच रुपये की अतिरिक्त वसूली आम बात है। इसके बाद प्रतिवादियों ने लिखित जवाब दिया और कहा कि शिकायतकर्ता को हांसी बस स्टैंड पर जो टिकट दिया गया, वह परिचालक जयदेव के पास था। इसी प्रकार चंडीगढ़ बस स्टैंड पर परिचालक प्रदीप कुमार ने शिकायतकर्ता को 225 रुपये का टिकट दिया। साथ ही कहा कि अतिरिक्त पांच रुपये वसूलने के बारे में विभाग को कोई शिकायत नहीं की गई। हालांकि जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की शिकायत मिलने के बाद उन्होंने 13 जून, 2019 को परिचालक जयदेव को कारण बताओ नोटिस जारी किया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आयोग ने कहा कि विभाग पर भी दंडात्मक हर्जाना का मामला बनता है। जुर्माना लगाने के बाद आयोग ने कहा कि इन आदेशों की 45 दिन में पालना नहीं की जाती है तो इस ऑर्डर की एक्जीक्युशन याचिका दायर करने लिए शिकायतकर्ता को दो हजार रुपये अतिरिक्त अदा करने होंगे।

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