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हरियाणा में बिहार के 4 बलात्कारियों को फांसी:कोर्ट ने कहा-क्रूरता की हदें पार; मां के सामने नाबालिग बहनों से गैंगरेप फिर मार डाला था

ये हैं वे चारों दरिंदे, जिनको कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है। - Dainik Bhaskar
ये हैं वे चारों दरिंदे, जिनको कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है।

हरियाणा में दो नाबालिग बहनों से रेप और हत्या की दिल दहला देने वाली वारदात में शुक्रवार 24 नवंबर को 4 दोषियों को मृत्यु दंड (फांसी) की सजा दी गई। वारदात 5 अगस्त 2021 को सोनीपत-दिल्ली बॉर्डर से सटे कुंडली में अंजाम दी गई। फांसी की सजा पाए चारों व्यक्ति अरुण पंडित, फूलचंद, दुखन पंडित और रामसुहाग बिहार के अलग अलग जिलों के रहने वाले हैं।

दो नाबालिग बहनों से उसकी मां के सामने दो-दो ने मिल कर गैंग रेप किया और फिर कीटनाशक दवा पिला दी। दोनों कई घंटे तक तड़पती रही और अंत में दम तोड़ दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ”फास्ट ट्रैक कोर्ट” की जज सुरुचि अतरेजा सिंह ने सजा देते हुए कहा कि चारों ने क्रूरता की सभी हद पार कर दी। यह दुर्लभ से दुर्लभतम श्रेणी का अपराध है और इनके लिए मृत्यु दंड सही है।

ये था पूरा मामला

राजधानी दिल्ली से सटा सोनीपत का कुंडली क्षेत्र औद्योगिक हब है। यहां हजारों फैक्ट्रियां हैं और बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रोजी रोटी कमाने के लिए यहां आते हैं। बिहार की रहने वाली एक विधवा महिला भी अपनी 13 व 15 साल की 2 बेटियों और तीन बेटों के साथ जुलाई के अंतिम पखवाड़े में कुंडली में काम की तलाश में आयी थी।

महिला ने किराए का कमरा लिया और परिवार के साथ रहने लगी। इसी परिसर में बिहार के जिला दरभंगा के गांव मजगाही निवासी अरुण पंडित, गांव मसहोरी निवासी फूलचंद, झकेली निवासी दुखन पंडित और समस्तीपुर के गांव बाड़ा निवासी रामसुहाग भी अलग कमरे में रहते थे।

महिला व इसके परिवार को आए हुए अभी करीब 15 दिन ही हुए थे कि 5 अगस्त, 2021 की रात को अरुण पंडित, फूलचंद, दुखन पंडित व रामसुहाग उनके कमरे में घुस गए। कमरे में मां-बेटियां सो रही थी। चारों ने दोनों बेटियों को दबोच लिया और इसके बाद दोनों लड़कियों से उनकी मां के सामने ही अरुण व फूलचंद सदा ने बड़ी बेटी व दुखन पंडित तथा राम सुहाग ने छोटी बेटी से सामूहिक दुष्कर्म किया।

पुलिस गिरफ्त में चारों हत्यारे और बलात्कारी। कोर्ट ने चारों को मौत की सजा दी है।
पुलिस गिरफ्त में चारों हत्यारे और बलात्कारी। कोर्ट ने चारों को मौत की सजा दी है।

4 घंटे तक तड़पी दोनों बहनें

चारों ने गैंग रेप के बाद दोनों बहनों को कीटनाशक दवा पिला दी। साथ ही उसकी मां को धमकी दी कि अगर किसी को वारदात के बारे में बताया तो वे उनके बेटों की हत्या कर देंगे। महिला डर के मारे चुप रही। इस बीच जहर के प्रभाव से दोनों करीब 4 घंटे तक तक तड़पती रही।

अंत में दोनों को साथ लगते दिल्ली के नरेला के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। वहां दोनों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि दोनों नाबालिग लड़कियों से रेप हुआ है और उनको जहर देकर मारा गया है। हालांकि दोनों बेटियों की मां चारों दरिंदों की धमकी से इतना डर गई थी कि उसने पुलिस को बयान दिया कि सांप के काटने से उनकी बेटियों की मौत हुई है।

4 दिन बाद दर्ज हुआ था केस

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लड़कियों से गैंगरेप और हत्या की बात सामने आने के बाद हरियाणा पुलिस ने उनकी मां से सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद उसने सच उगला और अरुण पंडित, फूलचंद, दुखन पंडित और रामसुहाग द्वारा बेटियों के साथ की गई दरिंदगी की पोल खोल दी।

हालांकि पहले चारों दरभंगा भागने की तैयारी में थे, लेकिन जब उनकी धमकी से डरी लड़कियों की मां ने पुलिस को बताया कि सांप के काटने से मौत हुई है तो चारों यहीं रह गए थे। सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर चारों को गिरफ्तार कर लिया था।

चारों दरिंदों की गिरफ्तारी के समय का फोटो।
चारों दरिंदों की गिरफ्तारी के समय का फोटो।

2 साल 1 महीने 10 दिन में मिला न्याय

दो नाबालिग बहनों से दरिंदगी और मर्डर का यह केस पुलिस ने 9 अगस्त 2021 को कुंडली थाना में दर्ज किया था। इस मामले की सुनवाई अब सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ”फास्ट ट्रैक कोर्ट” सुरुचि अतरेजा सिंह की कोर्ट में चल रही थी। लड़कियों की मां समेत 24 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज किए गए। मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्य में पूरा मामला साफ था कि चारों ने नाबालिगों से रेप किया और फिर जहर देकर मार दिया।

किस धारा में कितनी सजा

सोनीपत कोर्ट ने अरुण पंडित, फूलचंद, दुखन पंडित व रामसुहाग को अलग-अलग धाराओं में दोषी ठहराते हुए अलग-अलग सजा दी है और जुर्माना लगाया। इसमें धारा 302 में फांसी, 376 डीए, पॉक्सो एक्ट में फांसी की सजा दी गई है। इसके अलावा धारा 328 में 10 साल कैद व 10 हजार रुपए जुर्माना, धारा 506 में 7 साल कैद व 10 हजार रुपए जुर्माना, 120बी में उम्रकैद की सजा इनको मिली। इसमें 10 हजार रुपए जुर्माना किया गया है।

कोर्ट बोली- ये रहम के काबिल नहीं

दो नाबालिग बहनों से गैंगरेप, फिर जहर देकर हत्या करने के मामले में सजा सुनाते हुए एडीजे सुरुचि अतरेजा सिंह ने कहा कि यह कृत्य पूरी तरह नृशंस था। इसमें क्रूरता की सभी हद पार कर दी गई। यह दुर्लभ से दुर्लभतम श्रेणी का अपराध है। इनके लिए मृत्युदंड उपयुक्त सजा है। इससे समाज में कोई भी इस तरह का जघन्य अपराध करने से पहले सौ बार सोचेगा।

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