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हिसार में 7 शवों का अंतिम संस्कार:चश्मदीद बच्ची बोली- ड्राइवर को धीरे चलाने को कहा, बोला- स्कूल टाइम से पहले पहुंचना है

सेक्टर 16-17 श्मशान घाट में रविंद कौर और पूनम का अंतिम संस्कार किया गया। - Dainik Bhaskar
सेक्टर 16-17 श्मशान घाट में रविंद कौर और पूनम का अंतिम संस्कार किया गया।

नैनीताल स्कूल बस हादसे में मारे गए 7 शवों काे हिसार में अलग-अलग स्थानों पर अंतिम संस्कार हुआ। पटेल नगर निवासी महिला टीचर रविंद्र कौर व गांधी नगर निवासी पूनम का सेक्टर 16-17 श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया, जबकि स्कूल प्रबंधक रामेश्वर, आर्य नगर निवासी पुष्पा का गांव शाहपुर में अंतिम संस्कार हुआ।

ज्योति का गांव हिंदवान तो संगीता का मिल गेट श्मशान घाट में अंतिम संस्कार हुआ। गांव मात्र श्याम निवासी मनमीत (7) का सोमवार रात ही अंतिम संस्कार कर दिया गया था।

सातों शवों का हिसार के अलग-अलग स्थानों पर अंतिम संस्कार हुआ।
सातों शवों का हिसार के अलग-अलग स्थानों पर अंतिम संस्कार हुआ।

बच्ची ने सुनाई घटना की दास्तां
हादसे में अपनी मां रविंद्र कौर को खोने वाली चश्मदीद 14 साल की कमलप्रीत ने घटना की पूरी दास्तां सुनाई। बच्ची ने बताया सब बस के ड्राइवर को कह रहे थे की बस को धीरे चलाओ। उसने कहा कि प्रिंसिपल ने कहा है कि सुबह स्कूल खोलना है। रात को ही वहां पहुंचना है। इस कारण से उसने बस नही रोकी और न ही रफ्तार धीमी की।

बस एकदम गहरी खाई में गिर गई। गहरी खाई में केवल अंधेरा था। केवल चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। करीब 2 घंटे बाद उसे निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। होश आने पर उसने अपनी मम्मी के बार पूछा तो उन्होंने कुछ नहीं बताया।

गांधी नगर में मृतका पूनम के घर के बाहर विलाप करते परिजन।
गांधी नगर में मृतका पूनम के घर के बाहर विलाप करते परिजन।

कोई नही था संभालने वाला
मृतक रविंद्र कौर के भाई लुधियाना निवासी सर्वजोत ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही वह रात को ही अपने गाड़ी से नैनीताल पहुंच गया था। वहां अस्पताल में सब तड़प रहे थे। संभालने वाला कोई नही था। इसी कारण वह अपनी घायल भांजी कमलप्रीत को हिसार ले आया।

हादसे में पत्नी खोई, बेटी की बची जान
रविंद्र कौर के पति जितेंद्र ने कहा कि उसने हादसे में पत्नी को खो दिया है। यह जख्म जिंदगी भर नही भरेगा। मासूम बेटी कमलप्रीत की जान बच गई। इसके लिए भगवान का शुक्रिया है।

बूढ़े बाप ने कहा- पिता के कंधों पर गई बेटी
पटेल नगर निवासी रामचंद्र ने कहा कि उसकी 3 बेटियां है। पूनम काफी सालों से स्कूल में टीचर थी। उसे पता होता ऐसा होगा तो वह कभी टूर पर नही भेजते। हादसे में मारी गई पूनम छोटी बेटी थी। पिता के कंधों पर उसकी लाश गई। इससे बुरा क्या होगा। बस चलाते समय जल्दबाजी न करते तो बड़ा हादसा टल सकता था ।

संगीता को पति ने जाने से रोका था
मिल गेट निवासी संगीता का भी दाह संस्कार आज सुबह हिसार में हुआ। मृतका स्कूल टीचर संगीता के पति आशीष ने बताया कि वह पत्नी को जाने से रोक रहा था, लेकिन वह स्कूल स्टाफ के टूर के साथ चली गई। शायद वह बात मानती तो जान बच जाती।

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