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हरियाणा में स्कूल बस हादसे से पहले की कहानी:शराबी ड्राइवर ने बच्चों को धमकाया; चाबी न देने पर पेरेंट्स को अंजाम भुगतने की धमकी

हादसे में घायल हुए बच्चे। - Dainik Bhaskar
हादसे में घायल हुए बच्चे।

हरियाणा के महेंद्रगढ़ में गुरुवार (11 अप्रैल) को स्कूल बस पलटने से GL पब्लिक स्कूल के 6 बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में स्कूल प्रिंसिपल दीप्ति राव, बस के ड्राइवर धर्मेंद्र और स्कूल सचिव होशियार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ 8 धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जिसमें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

हालांकि हादसे से ठीक पहले बस के भीतर क्या हुआ?, यह अभी तक सामने नहीं आया। मगर, अब पुलिस की FIR से पूरी बात सामने आई है। जिसमें बच्चों ने बताया कि जब वे ड्राइवर को टोकने गए कि उसने शराब पी रखी है, धीरे चलाए तो उसने किस कदर उन्हें धमकाकर बिठा दिया।

जीएल स्कूल की प्रिंसिपल दीप्ति राव को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस।
जीएल स्कूल की प्रिंसिपल दीप्ति राव को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस।

सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए, हादसे से ठीक पहले बस के भीतर क्या हुआ?

1. बच्चों ने कहा- आपने शराब पी, बस तेज न चलाओ, दुर्घटना हो जाएगी
GL पब्लिक स्कूल में 12वीं की छात्रा खरकड़ा बांस निवासी अनुज ने पुलिस FIR में बताया- 11 अप्रैल जब मैं और अन्य बच्चे स्कूल बस (HR66-A-7514) में सुबह समय करीब 8.30-9 बजे के बीच स्कूल जा रहे। बस के ड्राइवर सेहलंग निवासी धर्मेंद्र ने शराब पी हुई थी। उन्हाणी वाले रास्ते पर EURO स्कूल के पास बच्चे बार-बार कहते रहे कि अंकल आप शराब पीए हुए हैं। बस को तेज ना चलाएं। बस के साथ दुर्घटना हो जाएगी।

2. बच्चों को धमकाया, 40-45 बैठे थे, आगे एक्सीडेंट हुआ
शराब के नशे में ड्राइवर धर्मेंद्र बस में बैठे बच्चों को धमकाकर चुप कराता रहा। बस को यह जानते हुए कि एक्सीडेंट हो सकता है, उसके बावजूद बच्चों की बात को अनदेखा कर लापरवाही और तेज रफ्तार से चलाता रहा। बस जब उन्हानी रोड पर पहुंची तो बस में करीब 40-45 बच्चे बैठे हुए थे। उसने बस की रफ्तार कम नहीं की और बस को पलट दिया। बस पलट के पास सड़क किनारे खड़े बड़े पेड़ों से जा टकराई, जिसमें सभी बच्चे घायल हो गए तथा कुछ बच्चे तो मौके पर ही मर गए।

पुलिस ने इन तीनों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने इन तीनों को गिरफ्तार किया है।

3. चाबी नहीं देने पर पेरेंट्स को अंजाम भुगतने की धमकी
छात्रा अनुज ने पुलिस को बताया- हमारे गांव से पिछले गांव खेड़ी तलवाना में जब बच्चों के परिजनों को यह पता चला कि हमारी स्कूल बस का ड्राइवर धर्मेंद्र शराब पीकर गाड़ी चला रहा है तो उन्होंने बस चालक धर्मेंद्र से चाबी छीन ली थी। जिस पर धर्मेंद्र या अभिभावक ने स्कूल के प्रशासन से बात की तो स्कूल प्रशासन ने अभिभावक को स्कूल बस की चाबी वापस देने को कहा तथा ना देने की सूरत में अंजाम भुगतने की धमकी दी। जिस पर स्कूल प्रशासन की धमकी से डरकर खेड़ी तलवाना के बच्चों के अभिभावकों ने चाबी वापस दे दी।

4. बस में ना हेल्पर, ना महिला कर्मचारी
चाबी मिलने के बाद धर्मेंद्र ड्राईवर फिर से स्कूल बस को चलाने लगा जोकि स्कूल प्रशासन की मिलीभगत से जान बूझकर शराब के नशे में गाड़ी चलाने के कारण यह इतनी बड़ी दुर्घटना हुई है। छात्रा ने ये भी बताया कि ड्राइवर के अलावा इस बस में ना कोई हेल्पर था ना ही कोई महिला कर्मचारी नियुक्त थी। स्कूल प्रशासन नमित कुमार के द्वारा निर्धारित की गई इंस्ट्रक्शन्स का भी उल्लंघन किया। इसलिए बस के ड्राइवर धर्मेंद्र के साथ-साथ स्कूल की प्रिंसिपल व स्कूल के समस्त प्रशासन के खिलाफ उनकी जानबूझकर कर बरती गई इस घोर लापरवाही के लिए सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

हादसे में टूटी स्कूल बस।
हादसे में टूटी स्कूल बस।

पुलिस ने 8 धाराएं लगाईं
छात्रा अनुज की शिकायत पर कनीना सिटी पुलिस स्टेशन में ड्राइवर धर्मेंद्र, प्रिंसिपल दीप्ति राव, सचिव होशियार के अलावा स्कूल के मालिक के खिलाफ धारा 120बी, 109, 279, 304, 336, 337, 185, 195 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई हैं। इस हादसे में एक ही गांव झाड़ली के सत्यम (16), युवराज (14), दो सगे भाई यक्शु (15) और अंशु (13) के अलावा धनौंदा निवासी वंशु (14), रिकी (15) की मौत हुई हैं। जबकि 31 बच्चे घायल हुए। इनमें 14 से ज्यादा बच्चों को अस्पताल से छुट्‌टी भी मिल चुकी हैं।

उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान
एडवोकेट हेमंत लूथरा ने बताया कि इस केस में लगाई गई आईपीसी की धारा 304 में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।

120बी आपराधिक षड़यंत्र में की धारा है, इसमें शामिल व्यक्ति उसी सजा के हकदार है, चाहे वह मौके पर ना हो जैसे प्रिंसिपिल, स्कूल मालिक और सचिव का रोल है।

वहीं धारा 279 लापरवाही व गफलत से गाड़ी चलाकर दुर्घटना करने की है। धारा 337 लापरवाही के साथ साधारण चोट और धारा 336 फैक्चर चोट वाली है।

वहीं धारा 109 उकसाने की धारा है। ये 120बी की तरह है। इस धारा के प्रावधान के मुताबिक, एक आदमी लड़ाई-झगड़े में चाहे शामिल नहीं होता, लेकिन वो उकसाता है तो उस पर यह धारा लगाई जाती है।

जैसे इस केस में अभिभावकों द्वारा बस की चाबी छीन लेने के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने रोकने की बजाय उसे चाबी वापस दिलाई। अगर दोष साबित होता है तो धारा 109, 120बी और 304 में एक ही सजा का प्रावधान है। वहीं धारा 195 और 185 मोटर व्हीकल एक्ट में इंश्योरेंस और फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं होने पर लगाई जाती हैं।

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